सर्टिफिकेट तैयार होने के बाद, अधिनियम की के तहत बकायेदार को एक नोटिस जारी किया जाता है। इस नोटिस के माध्यम से बकायेदार को सूचित किया जाता है कि उसके खिलाफ कितनी राशि बकाया है और उसे चुकाने के लिए एक निश्चित समय दिया जाता है।
Designed to expedite the collection of "Public Demands" through a "Certificate" system.
यहाँ "बिहार और उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम 1914" (Bihar and Orissa Public Demand Recovery Act, 1914) पर एक विस्तृत लेख है।
स) नोटिस की तामील (Service of Notice) - धारा 7
बिहार सरकार के विधि विभाग (Department of Law) या राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Revenue and Land Reforms Department) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहाँ "Acts and Rules" सेक्शन में यह पीडीएफ मिल सकता है।
चूंकि यह कानून राजस्व वसूली से गहराई से जुड़ा है, इसलिए यह दस्तावेज राज्य सरकार के पोर्टल पर उपलब्ध रहता है।
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सर्टिफिकेट ऑफिसर आपत्ति पर सुनवाई करते हैं, सबूत लेते हैं और यह निर्धारित करते हैं कि देनदार कितना जिम्मेदार है।
वसूली की प्रक्रिया (Procedure for Recovery):