नाड़ी ज्योतिष में १, ५, ९ (त्रिकोण) और ३, ७, ११ (काम त्रिकोण) के घरों में बैठे ग्रहों के आपसी संबंध को बहुत महत्व दिया जाता है। हिंदी पीडीएफ पुस्तकों में इन नियमों को सरल चार्ट और उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया है।
पारंपरिक पाराशरी ज्योतिष की तुलना में भृगु नंदी नाड़ी के नियम काफी अलग और सरल हैं। इसके मुख्य सिद्धांत निम्नलिखित हैं:
Look at the planet ruling your Ascendant. Where is it placed? If your Lagna Lord is in the 4th, 8th, or 12th house, BNN predicts a karmic life lesson.
आपको लंबी गणनाएं करने की आवश्यकता नहीं होती। कुंडली देखते ही ग्रहों के संयोजन से सीधे परिणाम सामने आते हैं।
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नाड़ी ज्योतिष को आधुनिक युग में पुनर्जीवित करने का श्रेय महान ज्योतिषी आर.जी. राव को जाता है। उनकी इस पुस्तक का हिंदी अनुवाद बाजार में और ऑनलाइन पीडीएफ प्रारूप में उपलब्ध है। इस पुस्तक में 500 से अधिक कुंडलियों के उदाहरण दिए गए हैं, जिससे सूत्रों को समझना बेहद आसान हो जाता है।
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To support these techniques, the book features over 500 example horoscopes, making it a valuable reference for study and practice.
1. ग्रहों के कारकत्व (Significators of Planets)
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भृगु नंदी नाड़ी केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि भविष्य की खिड़की है। यदि आप ज्योतिष में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं या स्वयं के जीवन के रहस्यों को जानना चाहते हैं, तो इस पुस्तक का हिंदी पीडीएफ संस्करण आपके डिजिटल संग्रह में अवश्य होना चाहिए। ९ (त्रिकोण) और ३
1. भृगु नंदी नाड़ी — लेखक: आर. जी. राव (अनुवादित)
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इस पुस्तक को पढ़ने के लाभ